ख्वाब हम देखते नहीं's image
Poetry1 min read

ख्वाब हम देखते नहीं

seema392soodseema392sood January 9, 2023
Share0 Bookmarks 46 Reads0 Likes
ख्वाब हम देखते नहीं है,

दिखाती है जिंदगी,

सुख की चाहत रखने वालों को,

क्यों दुखों का दर्पण दिखाती है जिंदगी।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

दोराहा (जिला लुधियाना)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts