कलम की धार's image
Share0 Bookmarks 0 Reads0 Likes
      कलम की धार का,

     अंदाज निराला ही होता है,

     शब्द कब जरिया बन जाते हैं,

     और मन को छू जाते हैं,

      किसी को भी पता इसका,

       चल पाताा नहीं।।

        सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना
       
        दोराहा (जिला लुधियाना)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts