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धरती से आकाश तक

seema392soodseema392sood January 9, 2023
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धरती से आकाश तक,

आकाश से पाताल तक,

अपना जादू तूने चलाया है,

कण-कण में वास करने वाले,

मुझे तो तू ही भाया है।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

दोराहा (जिला लुधियाना)

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