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सुख और शांति

sb8286calsb8286cal July 4, 2022
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ईश्वर ने अपना भक्त को लेकर आया एक आमिर के घर।

'कुछ मिलेगा'।

'यहां कुछ नहीं मिलेगा, निकल जाओ'।

वह मुँह के ऊपर दरवाज़ा बंद कर दिया।

ईश्वर ने कहा, 'आपका दोमंजिला मकान चार मंजिला बनेगा'।

 

अब वे आया एक ग़रीब के पास।

वह उन्हें प्यार से खाना खिलाया।   

खाना खाने के बाद ईश्वर ने कहा,

'आपका झोपड़ी आग में जल जायेगी'।

 

बाद में भक्त ने ईश्वर को पूछा,

'यह कैसा विचार है'?

'सुनो ध्यान से,

जिसका मंजिला के ऊपर मंजिला है,

उसका जलन के ऊपर जलन है।

वह सिर्फ अर्थ मांगता है, मुझे कभी नहीं।

उसे सुख मिलेगा, लेकिन शांति कभी नहीं।

जहां शांति नहीं है, वहां सुख भी नहीं।

और जिसका सब कुछ जल गया, उसके पास सिर्फ मैं हूँ।

वह अभी हिमालय जायेगा, मेरे पास।

उसे मिलेगा परम शांति, वहीं असली सुख'। 



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