खाने में विश्वास's image
Poetry1 min read

खाने में विश्वास

sb8286calsb8286cal November 17, 2022
Share0 Bookmarks 17 Reads0 Likes

जिसे आप विश्वास नहीं करते हैं,

उसे चावल या रोटी खाने मत दो।

खाने में माँ लक्ष्मी रहती है,

वह सिर्फ पैसा में नहीं रहती।

विश्वास संपर्क का आधार होता है।

संपर्क में भी माँ लक्ष्मी रहती है।

विश्वास उनका एक रूप। 

सिर्फ पैसा उनका रूप नहीं है।

जहाँ विश्वास नहीं, वहां लक्ष्मीजी भी नहीं,

वहां संपर्क भी नहीं।

जहाँ वे तीनों नहीं रहते, वहां सिर्फ अकाल रहता।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts