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एक ही मानवता

sb8286calsb8286cal June 13, 2022
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एक ही देश

एक ही मनुष्य

एक ही भाषा

एक ही मान

एक ही मानवता

 

दो आँखें एक ही चीज़ एक साथ में देखती  हैं

तो क्यों करती  हैं अंतर

नाक लंबी इसलिए

 

एक ही धर्म

एक ही भूमि

एक ही नदी

एक ही परमात्मा

एक ही मानवता

 

दो कंधों एक साथ काम पे ता हैं

तो क्यों अलग वज़न उठाता हैं

छाती छोटी इसलिए 

 

एक ही ज्ञान

एक ही भक्ति

एक ही चिंता

एक ही समृद्धि

एक ही मानवता

 

दो पैर एक साथ चलता हैं

तो क्यों एक साथ कदम नहीं उठाता

कमर दर्द इसलिए


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