एक जगह पर's image
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वह आया उसका दोस्त को लेकर।

वह आई उसकी दोस्त को लेकर।

लेकिन ये जोड़े सही नहीं हैं-

अगर उल्टा होता तो सही होता।

एक दूसरे को सब पहचान गए।

अब मुंह छुपाने की जगह नहीं है।

अब ज़माना बदल गया।

पहले सिर्फ पुरुष स्वाधीन था,

अब औरत भी स्वाधीन हो गई।

दोनों की स्वाधीनता

उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की तरह

एक दूसरे को आकर्षित करती हैं।

जो आकर्षण की ज़रूरत है,

वह मर चुका है तीन सालों के अंदर।

चिंगारी आग से भी भयंकर-

वह आग लगाती है-

आग खुद खुद को नहीं लगा सकती।

यह एक भयंकर रोग है-

जो टूट देता है परिवार-

मर जाते बच्चे।

बच्चों की मांग दो, लेकिन चारों की छाया,

उन्हें धूप मिलेगा कहां।

एक जगह पर मिलते हैं चार।

परिवार दो, लेकिन प्यार चारों तरफ़।

विश्वास दोनों तरफ़ से टूटा हुआ।

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