धर्म एक's image
Share0 Bookmarks 5 Reads0 Likes

धर्म एक-

वह है मानवता।

लेकिन मानव दो प्रकार-

सही और ग़लत। 


सही कहते हैं,

हम सब एक साथ जीना चाहते हैं।

ग़लत कहते हैं,

सिर्फ मुझे जीना है।

 

धर्म जब सही तरीके से प्रदर्शित होता है-

वह महान।

अगर वह ग़लत तरीके से प्रदर्शित होता है-

वह कट्टरता।

 

धर्म आज़ादी की बात करता है।

धर्म बंधन का भी बात करता है।

हम आसमान की पंछी हैं,

पिंजरे का पंछी भी हैं-

हमारा दो रूप।  





No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts