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कितना मुश्किल कितना आसान

SiddharthSiddharth June 27, 2022
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कितना मुश्किल कितना आसान

कितना आसान है ना
तुम्हारी यादों में खो जाना
मन ही मन में डूब जाना
पर
कितना मुश्किल है
रूबरू होना तुमसे
कितना आसान है पूछ लेना
तुमसे
"पेपर कैसा गया"
पर
कितना मुश्किल है पूछ पाना
"कैसी हो , याद आती है"
पर शायद
जो इतना मुश्किल है मेरे लिए
शायद
तुम्हारे लिए
कल आसान हो जाए
तुम पूछ लो कि
"कैसे हो"
शायद
उसका जवाब देना
आसान हो
मेरे लिए
शायद
जो मुश्किल है अभी
कल आसान हो
अभी तो बस इसी की गुत्थमगुत्था है
कितना मुश्किल कितना आसान

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