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गाँव ढूढता हूँ।

Saurav Vinod PandeySaurav Vinod Pandey April 19, 2022
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गाँव मे गाँव ढूढता हूँ , 
छाव में छाव ढूढता हूँ । 
खो गयी कहाँ वह ठंडक 
गाँव की ,
मैं हैरान नंगे पाव ढूढता हूँ।

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