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जर्रे जर्रे रहूंगा इक रोज अहल-ए-नज़र...

saurabh shuklasaurabh shukla October 8, 2021
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तुम मुझसे इश्क़ करो ना करो,

 इश्क़ मै तुमसे करता रहूंगा।

बन्दिशे आज है कल नहीं होगीं ,

जर्रे जर्रे में रहूंगा इक रोज अहल-ए-नज़र,

 मिलोगी मुझसे फ़ना होकर ही सही ।

 

                ~ सौरभ शुक्ल 

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