ये आदमी's image
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ये आदमी सारी चिपकाऊ चीजें,
फुटपाथ पर बैंच जाता है;
ये सारी चिंताएं, दुख, आलस्य
सस्ते दामों में ही।

बदले में लेता -
दो शब्द हंसी के;
और इसी चौकस रकम को
कर लेता स्वीकार्य।


- ✍️ सत्यव्रत रजक

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