पिता के बाद's image
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पेड़ पतझड़ भी हैं
बाकी समय हरे भरे
बिल्कुल पिता की तरह
समय-समय पर गुस्सैल
समय-समय पर नम्र दोस्त की तरह
केवल पेड़ ही हैं
जो पिता के बाद पर 
तुम्हें सिखाएंगे
दुनिया का चाल-चलन।

- सत्यव्रत रजक 

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