फूल का खिलना!'s image
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तुम केवल देखते हो -
फूल का खिलना
और तितलियाँ आना;
तुम चाहते हो
तितली फूल पर बैठी रहे।
पर कभी देखी है
फूल की वेदना,
तितली देह पीती, फूल कष्ट;
फिर भी फूल हँसता है सिर्फ होंठों से!
तुम्हारे लिए जो रस
फूल के लिए वही उसका खून है
जिसे देख आदमी हँस रहा है!

— सत्यव्रत रजक

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