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लगता हमारे गांव चुनाव का माहौल है

सत्यव्रत रजकसत्यव्रत रजक January 26, 2022
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नेताओं का कंठ फटा, वादों का ढोल है;

लगता हमारे गांव, चुनाव का माहौल है।

जांच-परख की यहां बात हज़म कर;

लजीज रोकडों का नया भाव तौल है।

तनिक ग़लती के लफ्ज़ हवा हो गए;

ख़बर लगी, नेताओं का लगा खून खौल है।

शतरंज की बिसात बिछी, खिलाड़ी बड़े खडे़;

बाज़ी पलटनें का यहां नया डाल डौल हैं।


✍️ सत्यव्रत रजक

      23/112021

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