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प्यारी संगिनी के नाम खत

Satya Narayan TiwariSatya Narayan Tiwari November 21, 2022
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मेरी प्यारी प्रियवदन संगिनी,
राज दिलों की दो तुम खोल,
हों न निराश, करो न निराश ,
एक बार कुछ दो तुम बोल ॥

मेरी बातों पर करो गौर ,
खत मे ज़ज्बात पिरोया है ,
हर क्षण वियोग को याद कर ,
कई दफा दिल रोया है ॥

गलती मेरी मै मान लिया ,
अब दिल पर कोई बोझ नहीं ,
मेरे इस लघु जीवन में ,
तुम समान कोई और नहीं ॥

तुम भी रखो अपनी बात ,
मेरे खतों का करो मनन ,
मै ही नहीं सदा गलत ,
अपने क्रोध का करो दमन ॥

अब जो भी हो उत्तर तेरा ,
मुझ को सहर्ष स्वीकार है,
क्या करूँ यारा अब तो,
मुझ को तुमसे ही प्यार है॥

प्यारा सा उत्तर खत लिख,
हृदय-विसाद का अंकुडी खोल ,
हों न निराश करो न निराश ,
एक बार कुछ दो तुम बोल ॥


सत्य नारायण तिवारी

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