ये साल ऐसे गुजरा's image
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घरों, फैक्टरियों के लटके तालों में गुजरा,

मीलों चलते पांवों के छालों में गुजरा।


इंसान से इंसानियत बिछड़ती चली गयी,

ये साल इस बार कई सालों में गुजरा।


किसान फसल की लागत को तरसता रहा,

पैसा नफ़े नुकसान का दलालों में गुजरा।


दोस्त सारे तरक्की की सीढ़ियाँ चढ़ते रहे,

अपना तो किसी के उलझे बालों में गुजरा।


जिस दिन तेरा तसव्वुर जीने नहीं देता,

वो दिन अपना मय के हालों में गुजरा।


तुम मुझसे किसी जवाब की उम्मीद मत रखो,

मेरा तो जीवन ही सवालों में गुजरा।


-संजू

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