तू मेरा न हो पाया मगर मैं तेरा हो गया's image
Romantic PoetryPoetry1 min read

तू मेरा न हो पाया मगर मैं तेरा हो गया

Sanjay LadeSanjay Lade February 5, 2022
Share0 Bookmarks 44 Reads2 Likes

इश्क़क ब्यौपार में अजीब सौदा हो गया

तू मेरा हो पाया मगर मैं तेरा हो गया

 

मैं पुकारता रहा बादलोको बरसने के लिए

तूने हरी चूड़िया पहनी सावन हरा हो गया

 

कुछ भी कहा नही तेरी आग़ोशमें आके

कुछ गिला बचा नही आँचल गीला हो गया

 

इस कदर बढ़ती रही इश्क की दीवानगी

पागल था बस तेरा और रंगीला हो गया

 

एक मुद्दतसे थी तमन्ना झूम के लहरनेकी

तेरे होंठ छूके जाम और नशीला हो गया

 

आवारगी का लुफ्त तो उठा ही रहा था मै

तुझे पानेकी तमन्नामें और कमीना हो गया

 

तेरे सिवा और किसीके लिये मानता नही

मेरा दिल भी साला और हठीला हो गया


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts