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अब की तेरी ज़बापे मेरा नाम भी न था

Sanjay LadeSanjay Lade February 17, 2022
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अब की तेरी ज़बापे मेरा नाम भी न था

क्योंकी तुझे मुझसे कोई काम भी न था

एक तेरे नाममे मेरा सब कुछ बसा था

और तेरे सब कुछ में मेरा नाम भी न था

खंडहरों के बीच मे तन्हा खड़ा था मैं

रहीम भी नही मिला और राम भी न था

इश्क़ के फ़सानो में मेरा जिक्र भी था

इतना तो मेरा नाम बदनाम भी न था

रोज़गार के चक्करमें ख़ुदको भूल बैठा

पेट तो भर गया मगर आराम भी न था

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