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मैं तुझे फिर मिलूँगा

Sanjay BeniwalSanjay Beniwal December 11, 2021
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मैं तुझे फिर मिलूंगा,

फिर से तेरा हो जाने के लिए।

कहानी जो अधूरी रह गई,

उसको अंजाम तक पहुंचाने के लिए।


मैं तुझे फिर मिलूंगा,

उन तनहा सर्द रातों में,

आंसूओं से भीगे तेरे तकिए सिरहाने तले।

उन आंसुओं को सोख जाने के लिए।


मैं तुझे फिर मिलूंगा,

सावन की बरसती बूँदों को, 

तेरे लबों से पी जाने के लिए।


बहुत कुछ कहना जो बाकी रह गया था,

वो सब कुछ कह जाने के लिए।

जो ख्वाब बस ख्वाब रह गए,

उनको पूरा कर जाने के लिए।

मैं तुझे फिर मिलूंगा,

फिर से तेरा हो जाने के लिए।


चाहे इस जनम में ना सही,

शायद अगले जनम में।

मैं तुझे फिर मिलूंगा, 

फिर से तेरा हो जाने के लिए।

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