सुकून's image
Share0 Bookmarks 51 Reads0 Likes

शब ए गम को गले लगाती ये शाम ए तन्हाई 

सुकून दिल को ये भी तेरे शहर सहर होगी आई

तो फिर कुबूल ये ग़म, गीले शिकवे और ये जुदाई

खूबसूरती बढ़ाती, जाफरानी किरन तेरे चेहरे पे होगी छाई

©Sangita Paithankar

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts