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समय ने ली थी  करवट, अचानक ऐसे
दस्तक तूफान ने, दी हो, शांत नीर में ,अचानक जैसे
नियति का चक्रव्यूह था ,शायद वो
क्योंकि ना समझ पाए कि
रुख हवा का पलटा, अचानक कैसे

हालात थे नहीं हमारे इख्तियार में तब
हाथ में आती समय की रफ़्तार  ,  जब तक 
रेत की तरह फिसल गया था सब,  तब तक

जाना, बस इतना हमने
था, समय ऐसा कुछ
नहीं था, किसी के वश में कुछ
बहाव बयार का था, ऐसा कुछ 
बहा ले गया अतिशय कुछ

नहीं,  हमारे बीच, आज आप
पर यादों में हमारी, आबाद है आप
बन तो गए है ,सितारे आप  , 
पर है यकीं, कि आशीर्वाद के नूर से 
घर हमारे प्रकाशित करते रहेंगे आप

ख्वाहिश है, सिर पर हाथ हमारे,आपका रहे यूं ही
आए गर  मुश्किल कभी, संबल आपका रहें यूं ही
रखना  छांव में अपनी ,सबको यूं ही ताकि
प्यार की डोर से परिवार ये, बंधा रहे यूं ही

आप नहीं मौजूद तो क्या
ज़िक्र आपका ,अल्फाजो में हमारे होता रहेगा हमेशा
ज़िक्र आपका ,इबादत में हमारी   होता रहेगा हमेशा 
ज़िक्र आपका ,किस्सों में हमारे    होता रहेगा हमेशा
ज़िक्र आपका, उत्सव में हमारे होता रहेगा हमेशा
अंश है आपके हम ,तो है, जब तक हम
ज़िक्र आपका हर ज़िक्र मे होता रहेगा हमेशा

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