उम्मीद-ए-सहर मैं बैठा हूँ's image
1 min read

उम्मीद-ए-सहर मैं बैठा हूँ

sandysoilsandysoil June 16, 2020
Share0 Bookmarks 45 Reads2 Likes

उम्मीद-ए-सहर में बैठा है आलम सारा,

कोई कहता है, दवाओं का ले सहारा,

कोई कहता है, दुआओं का होगा असर।

मैं, दवा भी लूँगा, और दुआ भी माँगूगा,

रहूँगा अलहदा, जब तक होगी ना सहर।

रार नहीं ठानूँगा, हार नहीं मानूँगा। 

जो देता है सहरा को दरिया,

वो मुझे शुआ-ए-सहर भी देगा।


-संदीप गुप्ता SandySoil

*शुआ-ए-सहर - सुबह की किरण/उषा किरण ray of morning

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts