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तासीर-ए-इश्क़

sandysoilsandysoil June 16, 2020
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कोई कहता है तासीर-ए-इश्क़ है बुरा,

कोई कहता है गलियाँ-ए-इश्क़ हैं बुरी,

पिए जाते हैं ज़ाम-ए-इश्क़ फिर क्यूँ सभी?

कूद जाते हैं दरिया-ए-इश्क़ में फिर क्यूँ सभी?

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