क्यूँ ख़्वाब's image
1 min read

क्यूँ ख़्वाब

sandysoilsandysoil June 16, 2020
Share0 Bookmarks 99 Reads1 Likes

सुकून गर ख़ूब हैं ज़मीं पर तुझको,

तो क्यूँ ख़्वाब उड़ने के देखता है तू।

माना पंख मिले हैं तुझको,

शिद्दत से, मुद्दतों बाद,

इश्क़ आसमाँ की जगह,

धरा से लड़ा कर तो देख।

पंछियों को कई, दूर नीड़ से,

उड़ जाते तो देखा है,

पर नीड़ की ओर,

बरसों,

उड़ लौट आते नहीं देखा।


-संदीप गुप्ता SandySoil

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts