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चलते रहिये

sandysoilsandysoil November 10, 2021
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चलते रहिये,

चलने वाले पहुँच ही जाते हैं, कहीं न कहीं।

चलते रहिये,

क्योंकि चलने वाले ही पहुँचते हैं, कहीं न कहीं।

चलते रहिये,

चलने वाले पा ही लेते हैं मंज़िल, कभी न कभी।

चलते रहिये,

क्योंकि चलने वाले ही पाते हैं मंज़िल, कभी न कभी।


~संदीप गुप्ता

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