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सफ़र ज़िंदगी।

Sameer KambleSameer Kamble April 24, 2022
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ज़िंदगी है जैसे सफर,

मंज़िल सिर्फ एक नहीं,

राहे कई इस दुनिया में,

चुनना वहीं जो हो सही,

इस गाड़ी के पहिए अनेक,

लोग चुनने तुम्हे नेक,

रास्ते का हॉल्ट,

जैसे जन्मदिन का केक,

हादसे दिखेंगे अनगिनत सफर में,

रहोगे सेफ गर सावधानी बरतोगे,

इस सफर में तुम्हे भागना होगा,

रास्ते ऐसे भी आयेंगे,

जब धीमे होते होते रुकना होगा,

शांत मन से परिस्थिति को समझना होगा,

खुदको समझाकर ,

फिर उठकर आगे बढ़ना होगा,

सफर है तो उसका मज़ा उठाओ,

हर एक मोड़पर ख़ुद को नए से पाओ,

खुद संग दूसरों के जीवन में आनंद लाओ।


- समीर

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