बूंदों के नजरिये's image
Story1 min read

बूंदों के नजरिये

Salil PantSalil Pant July 16, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
हर तेज बारिश में दीवार पर चित्र उकेर आते हैं(शायद मानचित्र हैं, क्योंकि मुझे पसंद हैं), छत टपकती है पर सर पर शायद ही कभी टपकी हो। पर आज मैं घर पर न था, जब बारिश हुई तो कुछ बूंदें सर पर, कुछ मेरी कमीज पर गिरी और चित्र उकेर आये मुझे अचानक घर की दीवार याद आयी जिस पर मानचित्र सा कुछ उभरा हुआ था। परन्तु वो घर वाली आकृति मेरी कमीज वाली आकृति(शायद वो दूसरी दुनिया है)  से बिल्कुल भी मेल नहीं खा रही थी।
ऐसा शायद इसलिए था क्योंकि मेरे लिए मेरी दुनियां कमरे की बूंदों का मानचित्र था और मैं बाहर निकलकर औरों की दुनियां की बारिश को समझना नहीं चाह रहा था।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts