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मिलने ज़रूर आना

Sajal AgarwalSajal Agarwal October 21, 2021
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यु मौका मिले तो मिलने ज़रूर आना
हाथ में गुलाब ना हो फिर भी हस्ते हुए आना
अपना सारा ग़म मुझे देके
चाहे मेरी सारी खुशियाँ लेजाना
यु मौका मिले तो मिलने ज़रुर आना

ड्यूएट ना गा सके साथ में हाथ तो पकड़ लेंगें
लोग ना अपना सके हमे साथ में हम कुछ बात चीत तो करलेंगे
बात करते हुए तुम्हारा यू बार-बार जुल्फे गिरना
और मेरा हाथ से उन्हें पिछे हटाना
यु मौका मिले तो मिलने ज़रुर आना

तुम्हारी आँखों में देखना
और उस अहसास को लवजो में बताना
वो सुनके तुम्हारा हल्का-सा शर्माना 
कैसा होगा अपना कल ये मंजर दिखाना
एक बार तो सही मिलने ज़रूर आना 

तुम्हारी बातो का मतलब समझना
अपने दिल का हाल बताना
मेरे बेकार जोक्स पर तुम्हे ज़बरदस्ती हसाना
यु मौका मिले तो मिलने ज़रूर आना 

तुम्हारी आदतों का चिट्ठा सुनना
अपनी गलतियों का किस्सा सुनाना 
छोटी छोटी बातो पर तुम्हारा रूठ के नाक फुलाना
फिर साथ चलते हुए चुपचाप मेरे कन्धे पर सिर टिकाना
अब तो जा रहे हो लेकिन फिर मिलने ज़रूर आना

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