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ख़ुदा कोई नहीं

SahilSahil July 13, 2022
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बावफ़ा कोई नहीं, तू भी नहीं, मैं भी नहीं

बस ख़ुदा कोई नहीं, तू भी नहीं, मैं भी नहीं


तू भी डर मुझसे ज़रा, मैं दूर तुझसे भी रहूँ

अब भला कोई नहीं, तू भी नहीं, मैं भी नहीं 


वहशती माहौल से, इस नफरती माहौल से

अब बचा कोई नहीं, तू भी नहीं, मैं भी नहीं


लड़ मरे तारीख़ पे तो आने वाले कल का क्या?

सोचता कोई नहीं, तू भी नहीं, मैं भी नहीं


- साहिल

Twitter: @Saahil_77

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