दोस्त's image
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हम जिन्हें दिल से दोस्त कहते हैं

वो मेरी आस्तीं में रहते हैं


लब पे मुस्कान, दर्द सीने में

इस तरह ज़ुल्म उनके सहते हैं 


किस तरह एतबार हो उन पे

कब किया है वही जो कहते हैं 


यूँ रगों में उफ़ान है 'साहिल'

अब समंदर से तेज़ बहते हैं


- साहिल

Twitter: @Saahil_77

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