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योगेश्वर कृष्ण

Sahdeo SinghSahdeo Singh October 16, 2021
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मैं सुदामा नहीं जो !

कृष्ण मिल जायें,

मेरी दुश्वारियों को हर जायें,

मैं सुदामा नहीं जो कृष्ण मिल जायें,

मैं अर्जुन भी नहीं कि वासुदेव मिलें,

सारथी बनकर कुरुक्षेत्र में विजयश्री दे दें,

मैं तो एक दास हूँ उनका,

जो जगतपालक हम सबका,

यदि उनका कृपा प्रसाद मिल जाये,

मेरी दुश्वारियों को हर जायें ।

अपने भक्तों को मान रखने वाले,

स्नेह के वश में सदा रहने वाले,

वो योगेश्वर जगत पालक हैं,

उनके चरणों में स्थान मिल जाये,

सारा जीवन सफल हो जाये,

मैं सुदामा नहीं जो !

जो कृष्ण मिल जायें ।

सारी दुश्वारियों को हर जायें ।।

I am not Sudama Joe!
meet Krishna,
Take away my sorrows,
I am not Sudama who may meet Krishna,
I am not even Arjuna to meet Vasudev,
Become a charioteer and give Vijayshree in Kurukshetra.
I am his slave,
Who is the guardian of all of us,
If his grace is received,
Take away my troubles.
Who respects his devotees,
Those who are always under the control of love,
He is the guardian of Yogeshwar Jagat,
To find a place at his feet,
May all life be successful,
I am not Sudama Joe!
You can find Krishna.
Let all the troubles go away.


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