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वन्य जीव समाजवाद

Sahdeo SinghSahdeo Singh February 16, 2022
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वन में विभिन्न प्रकार के जीव रहते हैं,

शेर, बाघ, हाथी, चीता, हिरण, लोमड़ी

अर्थात छोटा से छोटा जीव और

खतरनाक नर भक्षी , मांसाहारी जीव

एक ही वन में सब शांति से रहते हैं,

सबके खान पान अलग, सबकी प्रवृति

अलग पर एक निश्चित क्षेत्र में सब रहते हैं ।

वन का राजा सिंह भी इसी में रहता है,

वह एक बार अपना शिकार कर भूख

मिटा लिया तो फिर शांत अपने गुफा में

ही विश्राम करता है ।

वन्य जीवों में एक सच्चा समाजवाद

है, इनकी जाति अलग, इनकी प्रवृति अलग

इनका खान पान अलग फिर भी कोई

विवाद नहीं सब अपने अपने आवश्यकता

के अनुसार स्वच्छंद जीवन व्यतीत करते

हैं ।

ये जंगली जानवर होकर भी एक दूसरे

के प्रति आघात प्रतिघात नहीं करते हैं ।

हम इंसानों को ईश्वर ने बुद्धि दिया विवेक दिया

सृष्टि की सर्वश्रेष्ठ रचना बनाया,

हम क्यों जाति धर्म, मजहब के नाम पर

सदा एक दूसरे से नफरत करते हैं,

हम लोग आपसी रिश्तों में एक नफरत की

लकीर खींचकर ईश्वर की सत्ता को

अपमानित करते हैं ।

यह एक विचारणीय प्रश्न हैं ?

हम इंसानों को सोचना होगा और नफरत

के इस बीज को मिटाना होगा,

तभी एक सच्चा समाजवाद की परिकल्पना

सच होगी ।।

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