श्रद्धांजली's image
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यह कविता कोरोना काल में असमय अपनी जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि है ।

जो चले गये हैं इस दुनिया से,

वो अपने ही थे बेगाने नहीं,

उनके जीवन की रक्षा का,

हमने जो विश्वास दिलाया था,

उसका पालन हम कर ना सके,

संवेदनशील हैं पर कह ना सके,

हमको एहसास है उस दर्द का,

जिन लोगों ने अपनों को खोया,

इस प्रलयंकारी दुश्मन के प्रहार से,

पूरा विश्व हर पल रोया ।।

"Homage "
Those who have gone from this world,
He was on his own, not Begane,
to save their lives,
What we promised
We could not follow it
Sensitive but can't say
We know that pain
those who lost their loved ones,
From the blow of this catastrophic enemy,
Whole India cried every moment.


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