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सियासत शब्दों की

Sahdeo SinghSahdeo Singh June 10, 2022
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सियासत बिछ गई है शब्द तीर की,

मजहबी आस्था की शमशीर की,

हिंदू मुस्लिम दोनों की आस्था घायल

हो गई,

जब एक दूसरे के आस्था पर चोट की

सियासत हो गई,

अब तो बिछ गई चादर सियासत की

मोहरों पर दाव लग गया,

कानूनी शिकंजा कस रहा हिंदू मुस्लिम

दोनों उलझ कर रह गया ।।

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