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Kavishala DailyPoetry1 min read

सफर में चल पड़े

Sahdeo SinghSahdeo Singh October 4, 2022
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सफर में चल पड़े तो मुड़ना नहीं

जितनी दूरी तय कर लिए

वापस आना मुश्किल

आगे बढ़ते रहने से मंजिल मिल सकती है

वापस हो लिए तो जिंदगी मुश्किल

चलते चलते नए रास्ते और हमसफर

मिल सकते हैं

विश्वास की ज्योति से जीवन

का फलसफा समझ आएगा

मंजिल मिल गई तो बेहतर

वरना अनुभव का मर्म समझ आएगा ।

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