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सफर जो अधूरा रह गया

Sahdeo SinghSahdeo Singh November 11, 2022
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मंजिल की तलाश में चलता रहा

पर सफर अधूरा ही रह गया

बार बार लगातार जिस राह चला

चलते चलते ही भटक गया ।

एक नई राह जो चुना हमने

उस राह पर कोई हमराह ना मिला

जो भी हाथ बढ़ाया वो तो छलावा ही मिला

बस रुक गया जीवन का सफर

मंजिल ना मिली हमको

सफर अधूरा रह गया ।

खुद पर एतबार करो ना कोई हमराह चुनो

बस खुद को हमराह चुनो और बढ़ते चलो ।।

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