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सपनों के सौदागर

Sahdeo SinghSahdeo Singh December 6, 2021
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हमारे अपने ही हमारे सपनों के सौदागर,

अवाम से नए वादों का पिटारा खोल देते हैं,

अपने वोट के लिए सुनहरे सपनों

का महल बना देते हैं,

फिर खुद की मंजिल तो पा लेते हैं,

पर अवाम को दिए वादे,

उन हंसी सपनों के खंडहर में

भटकने के लिए पांच साल के लिए छोड़ देते हैं ।

ये सियासतदा सपनों के सौदागर हैं ।।

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