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शब्दों की जुगल बंदी से बनती है कविता

जीवन को संदेश देती ऐसी है कविता

निराशा में आशा का ज्योति जलाए

बुझते चिराग में विश्वास का तेल डाले

जीने की आरजू को जगाती है कविता ।

भटके हुए लोगों को पल पल आगाह करे

जीवन के मूल्यों का मन में संचार करे

हारे हुए मन को साहस का प्राण भरे

उठकर आगे बढ़ने का हुनर सिखाती है कविता ।

दिल में भावनाओं की लहरें हिलोरे मारें

समंदर की मर्यादा बताती है कविता ।।

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