शब्द's image
Share0 Bookmarks 72 Reads0 Likes

अपने शब्दों को कागज पर

उकेरते हैं,

हम तो हर रोज शब्दों को जोड़ते हैं,

शब्द ही हमारे अभिव्यक्ति का माध्यम,

इनके ही मिश्रण से गीत गजलों का

संगम,

गंगा यमुना सरस्वती सारी प्रकृति

शब्द हैं इनकी ही गूंज से मानव प्रबुद्ध है

शब्दों की जुगल बंदी से स्वर लहरी गूंजती

गीत संगीत की झंकार है बनती,

शब्द ही बयां करते हैं दिल के अरमानों को

प्यार समर्पण और नफरत के पैमानों को,

शब्दों में ही अभिव्यक्ति जीवन की हर विधा

सुख दुख सफलता असफलता रग द्वेष

की संविदा ।

शब्दों की गूंज ओंकार से सृष्टि है निर्मित

शब्दों में ही भक्ति ईश्वर की सम्मिलित ।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts