पेड़ की व्यथा's image
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जब पेड़ से पत्ते टूटते हैं तो

पेड़ भी रोता है

अपनों के खोने के गम मे

छुप छुप कर रोता है,

जब हरा भरा परिवार से कोई

छोड़ के जाता है

खोने के इस गम में घायल मन

होता है ,

जब धरती पर गिरे बेजान पत्ते

सूख जाते हैं

अपने ही प्रिय को देख देख तरुवर

भी रोते हैं

जो भी अपनो से बिछड़ गया जीवन

सफर रुक गया

बेजान पड़ा इस धरती पर देख देख

दिल दहल गया ।

यह अंत नहीं इन पत्तों का यह अंश

हमारे हैं

हममें मिलकर फिर नवजीवन के तारे हैं ।।

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