मेरी आवाज's image
Share0 Bookmarks 58 Reads0 Likes

मेरी आवाज गूंजेगी सदा,

इन फिजाओं में,

कोई जुल्म जो इंसानियत पर होगा,

मेरी लेखनी से बगावत गूंजेगी,

कोई कैसे अवाम का दुश्मन बन,

अवाम के हक को छिन सकता है,

बंटवारा करके इंसानियत का,

अपनी सत्ता बचाकर रख सकता है ।

कोई तख्तो ताज सदा रहा ना किसी का,

एक दिन तो बदल जाना है,

अवाम के हक की हिफाजत करके ही,

लोगों के दिल में जगह पाना है ।।



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts