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Kavishala DailyPoetry1 min read

में नहीं रोया था

Sahdeo SinghSahdeo Singh December 5, 2021
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अपना दुख सब भूलकर

तेरे आंचल में अपना सिर रखकर,

रातभर मैं सोया था,

मैं रात नहीं रोया था, मैं रात नहीं रोया था ।

तू जननी ममता की देवी,

अपने आंचल में सुख है देती,

भूल जाता है दुख का भार,

तेरी ममता के आंचल में

भूल जाता है दुख हर बार,

तेरी मृदुल मीठी यादों में खोया,

मै रात नहीं रोया था, मैं रातभर सोया था ।।

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