मातृ दिवस's image
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मां की याद बड़ी आती है,

ऐसा लगता है मुझे हंसकर

हंसकर लोरी रोज सुनाती है

मां की याद बड़ी आती है ।

गुजरे उसको सालों बीत गए

उसकी प्यार भरी बोली कानों में

सदा गूंजती रहती,

कुछ कहने से पहले मेरी बात

समझ लेती,

ममता की मूरत थी वो, उसकी

याद सताती है ।

मां की याद बड़ी आती है ।

मां की क्या मैं बात करूं

ममता का क्या मैं बखान करूं,

जिसके चरणों में ईश्वर झुकते

उन चरणों में सृष्टि धरूं ,

उसकी आंचल की छाया का

साया बुलाती है,

मां की याद बड़ी आती है ।

मां की याद बड़ी आती है ।।

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