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काँटों के बीच खिले फूल

Sahdeo SinghSahdeo Singh October 7, 2021
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“काँटों के बीच खिले फूल”

काँटों के झुरमुट में खिले फूल,

अपने खुशबू बिखेर रहें हैं,

इनको गिला नहीं है कोई,

अपने आस पास बिखरे शूलौं से,

शूलौं के बीच रहकर होठों पर,

सदा मुस्कान,

खुशबू बिखरते हैं ना शिकवा,

ना कोई अभिमान ।

प्रकृति का सन्देश

देता है ये उपदेश,

फूल के साथ काँटों का होना,

नियति है विशेष ।

जीवन सदा जुडा है,

धूप छाँव के साथ साथ,

परछाईं कभी ना छोड़ती,

चलती जीवन भर साथ साथ ।

दुश्वारियों में रहकर जो खिले,

इन फूलों के समान,

उनके ही जीवन सदा बनते हैं

प्रेरणा का अभियान ।।

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