कैलेंडर बदल गया's image
Kavishala DailyPoetry1 min read

कैलेंडर बदल गया

Sahdeo SinghSahdeo Singh December 31, 2022
Share0 Bookmarks 96 Reads0 Likes

बीते दिन और रात बीते साल दर साल

ना बदला समाज ना बदला रिवाज

बस बदला है कुछ तो कैलेंडर का साल,

नई आशा से करते हैं लोग इंतजार

नए साल में बदलेगा अपना भी हाल

मिट जायेगी भूख और गरीबी

हर इंसान के जीवन से दूर होगी मुफलिसी

बेरंग जीवन में भर जायेंगे खुश रंग

नए साल में जीवन हो सबका सरगम ।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts