हाथ की लकीरें's image
Share0 Bookmarks 63 Reads0 Likes

हाथ की लकीरों में किस्मत का खजाना,

हमारे धर्मशास्त्रों का ऐसा है मानना,

गीता में श्रीकृष्ण के उपदेश कुछ कहते हैं,

कर्म ही श्रेष्ठ है, हमारे कर्म ही,

हमारे भाग्य का निर्धारण करते हैं ।

सवाल यह है कि ?

जो इंसान किसी दौलतमंद के यहां जन्म लिया,

वह तो जन्म के साथ ही दौलतमंद है,

उसका कर्म तो कुछ भी नहीं ?

तो क्या उसके पूर्व जन्म के परिणाम हैं ।

जैसा कि हमारे धर्म ग्रंथों में पूर्व जन्म ,

की व्याख्या की गयी है ।

इंसान अपनी सहूलियत के हिसाब से,

इन तर्कों को स्वीकार करता है ।

जय श्री कृष्ण ।। जय श्रीराम ।।

The treasure of luck in the lines of the hand,
This is the belief of our scriptures,
The teachings of Shri Krishna in the Gita say something,
Karma is the best, it is our deeds,
determine our destiny.
The question is?
The person who was born in the house of a rich man,
He is wealthy by birth,
His karma is nothing?
So what are the results of his previous birth?
As in our religious texts in previous births,
has been explained.
man according to his convenience,
accepts these arguments.
Long live Shri Krishna .. Long live Rama ..


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts