एक आदमी's image
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आदमी मुसाफिर है आना और जाना है

जीवन के सफर में कुछ पल का ठिकाना है,

आदमी मुसाफिर है ***

इस जग में उसका कुछ काम अधूरा है,

उसको पूरा करके वापस फिर जाना है,

आदमी मुसाफिर है आना और जाना है ।

इस धरती पर उसको कुछ कर्ज चुकाना है,

अपने हिस्से का ब्याज मिटाना है,

जीवन का ऋण चुका मिट्टी में मिल जाना है,

आदमी मुसाफिर है आना और जाना है ।।

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