दो रास्ते's image
Share0 Bookmarks 25 Reads0 Likes

दो रास्ते पर खडे हम

सोच रहा हूँ किस ओर कदम बढाना है,

रास्ते अंजान हैं दौनो,

पर किसी एक पर तो जाना है,

एक भटके हुए राही हैं हम,

हमारी मंजिल का नहीं कोई ठिकाना,

बस एक रास्ते पर चलते जाना,

हमारे चयन किये रास्ते ही,

हमारे जीवन के परिणाम हैं ।

वही हमारे जीवन यात्रा के अंजाम हैं ।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts