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दास्तां आम इंसान की

Sahdeo SinghSahdeo Singh November 8, 2022
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किसको सुनाएं दास्तां

जब इंसान बेजुबान है,

गांधी जी के तीन बंदर

बन गए हम सब

फिर किससे सवाल है ।

आवाज बंद है, बहरे भी हो गए

देखती हैं आंखे मगर

निष्क्रिय हो गए ।

याचक बन खड़े हैं जब दो रोटी के लिए

किससे पाएं सम्मान वजूद के लिए ।।



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